मौसम की बेरूखी से फसलों की बुआई को लेकर अन्‍नदाता परेशान

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किसानों की समस्याएं

लखनऊ । किसानों की समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रहीं हैं। इन समस्‍याओं के रहते हुए किसानो की आजीविका पर संकट गहराता जा रहा है। लगातार घट रही बारिश का अनुपात पानी की समस्या खड़ी कर रहा है वहीं जानवरों का लगातार बढ़ता उत्पात तथा मौसम की बेरुखी की वजह से किसान चिंतित हैं।

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तहसील सरोजनी नगर क्षेत्र में अब तक 25% भी खेतों मे बुआई का कार्य अभी तक नहीं किया गया है। जिसका कारण है मौसम में अभी तक कोई बदलाव नहीं आया है। सर्दी के इस मौसम में गर्मी का लगातार एहसास हो रहा है जिसको लेकर किसान समझ नहीं पा रहे हैं कि खेतों की बुवाई कैसे की जाए। सर्दी के दिनों में मौसम भी काफी गर्म है जिसको लेकर बुवाई का कार्य काफी पछड़ रहा है क्योंकि जब तक सर्दी नहीं पड़ेगी तब तक गेहूं सहित अन्य फसलों की बुवाई हो पाना भी किसानों के लिए लाभकारी नहीं होगा। गेहूं सरसों सहित अन्‍य फसलें सर्दी के मौसम में ही अच्छी होती हैं। लेकिन एक महीना करीब ठंडा का बीत चुका है उसके बावजूद ठंड का कहीं अता-पता नहीं है।

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इस मौसम की वजह से फसल की बुवाई में मौसम जहां अंडगा डाल रहा है उससे कहीं ज्यादा पानी को लेकर किसानों में हाहाकार मचा हुआ है। लगातार बारिश का अनुपात गिर जाने की वजह से सिंचाई नलकूप पानी देने में अक्षम साबित हो रहे हैं। पंपिंग सेटो का तो काफी बुरा हाल है यहां तक पानी की कमी की वजह से जलस्तर नीचे चला गया जिसके चलते तमाम बोरिंग खराब हो गई हैं जिसको लेकर भी किसान काफी परेशान है।

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पानी की समस्या एक जटिल रूप धारण करती जा रही है जो किसानों के लिए भारी मुसीबत उत्पन्न कर रही है। वहीं अन्ना जानवरों की बड़ी तादाद की वजह से भी किसान एक दूसरे का मुंह देख रहे हैं कि पहले वह खेतों की रोपाई करें कौन और बुवाई करें फिर हम करें इसका भी काफी असर खेतों को बवाई करने में पिछड़ रहा है। नील गायों के बाद अन्ना जानवरों का हाल यह हो गया है कि किसान फसलों की करने से परहेज ही नहीं कर रहे हैं बल्कि खेतों में बीज डालना भी उचित नहीं समझते इसलिए क्योंकि अन्ना जानवरों की इतनी अधिकता हो गई है कि खेतों में बुवाई की जाने वाली फसलें काफी रखवाली करने के बावजूद 50% भी नहीं बच पाती और ना ही पैदावार होती है।

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अभी खरीफ की फसल और धान की फसल की बुवाई किसानों ने की जिसमें मौसम की मार और अन्ना जानवरों की लगातार वार की वजह से इनकी कमर टूट गई। क्षेत्र के कई किसानों ने बताया कि खेती करना अब बड़ा ही मुश्किल हो गया है। एक के बाद एक उत्पन्न हो रही समस्याएं खेती से मोह भंग कर चुकी है लेकिन मजबूरी है कि इसके अलावा और कोई जरिया भी नहीं है जिससे परिवार का जीविका या अन्य खर्चे चलाया जा सके। सैकड़ों की तादाद में टोलियां बना कर घूम रहे आवारा जानवरों से मुक्ति नहीं मिल पा रही है। जो फसलों को इस तरह बर्बाद कर रहे हैं कि खेतों में डाला जा रहा बीज भी वापस आ पाना संभव नहीं हो पा रहा है। इससे पहले नीलगाय फसलों को नुकसान पहुंचाते थे लेकिन उससे कई गुना अधिक अन्ना जानवर उत्पाती हो गए हैं जिसको लेकर सरोजनी नगर क्षेत्र के किसान पूरी तरीके से तबाह हो रहे है।