पूर्व सरकार के हिमाइती हैं सरोजनी नगर के ब्‍लाक अधिकारी, नहीं है जनता से सरोकार

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सरोजनी नगर ब्लॉक

लखनऊ । समाजवादी सरकार के समय से तैनात अधिकारियों कर्मचारियों को अब तक न बदले जाने की वजह से उनकी मानसिकता में अभी तक पूर्व शासन की तरह हथकंडा बनाकर इस योगी सरकार में भी काम कर रहे हैं। जिसकी वजह से भारतीय जनता पार्टी की सरकार की साख पर बट्टा लग रहा है।

वहीं भाजपा कार्यकर्ताओं की एक न सुनकर पूर्व शासन काल के ही लोग अभी पहले की तरह अपना रोब झाड़ रहे हैं जिसकी वजह से भाजपा कार्यकर्ताओं में अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ आक्रोश बढ़ रहा है। अपने जनप्रतिनिधियों के भी खिलाफ गुस्सा है। सरोजनी नगर तहसील में अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक अभी पूर्व शासन की तैनाती के समय से तैनात हैं जिनका तबादला नहीं किया गया जिसके कारण वह अभी पूर्व शासन काल की तरह ही भ्रष्ट रवैया अपना कर काम कर रहे हैं जिसके चलते गरीबों को न्याय मिल पाना बिल्कुल संभव नहीं है।

आये दिन गरीब जनता उप जिलाधिकारी से लेकर तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कानूनगो, लेखपालों की चक्कर कामों को लेकर काट रही है। लेकिन इन भ्रष्ट अधिकारियों-कर्मचारियों का रवैया अब भी पुराने ढर्रे पर ही कायम है जिसके कारण गरीबों का काम बिना घूसखोरी के नहीं हो पा रहा है। हालात यह हैं कि इन कर्मचारियों के काम के रवैया में कोई बदलाव नहीं आया है सरकार की शक्ति के बाद इनकी आमदनी में जरूर बढ़ोतरी हो गई है। पीड़ित लोगों का कहना है थाने से लेकर तहसील एवं ब्लाक तक में काम का रवैया पहले की तरह ही है लेकिन अवैध वसूली की कीमत जरूर बढ़ गई जो थानेदार अवैध धंधों से महीने में 10 या 20000 रुपये घूस लेते थे आज उनकी कमाई लगभग दोगुनी हो चुकी है। यही हाल ब्लॉक का है एडीओ पंचायत खंड विकास अधिकारी पंचायत सेक्रेटरी तक बिना रिश्वत के कोई भी काम करने को तैयार नहीं है।

इससे भी बुरा हाल तहसील सरोजनी नगर में तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों का है बिना चढ़ावा के कोई भी काम हो पाना संभव नहीं है शिकायत करने के बाद उप जिलाधिकारी तहसीलदार को तहसीलदार नायब तहसीलदार को नायब तहसीलदार कानूनगो को कानूनगो लेखपाल को प्रार्थना पत्र देकर टरकाया करते हैं। लेकिन सालों बीत जाने के बाद एक भी शिकायती पत्र का निस्तारण हो पाना सैकड़ों चक्कर लगाने के बाद नहीं हो पा रहा है। जिससे थक कर गरीब पीड़ित शोषित लोग मन मसोस कर न्याय न मिल पाने की दशा में घर में बैठ जाते हैं।

हालात पहले से भी बदतर हैं जिससे योगी सरकार की आम जनता में अब किरकिरी होने लगी है। यहां तक जनता में क्षेत्रीय विधायक एवं मंत्री तथा सांसद सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की बात को अधिकारी एवं कर्मचारी तवज्जो नहीं दे रहे हैं जिसके चलते प्रशासनिक अमले के खिलाफ लोगों में रोष है ही लेकिन उससे भी ज्यादा इन जनप्रतिनिधियों के प्रति भी आक्रोश है क्योंकि उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है यहां तक केंद्र में मेरी भाजपा की सरकार है इसलिए लोगों का मानना है कि अधिकारियों के रवैये में अब तक बदलाव नहीं आया है तो अब कब आएगा।

एक भाजपा कार्यकर्ता ने बताया कि बंथरा थाने में इस्पेक्टर से एक काम के लिए मिला और कहा की  मंत्री स्वाति सिंह ने भेजा है तो इस्पेक्टर ने जवाब दिया किसी ने भेजा हो काम अपने मन से करूंगा  मुझे सरकार का कोई फर्क नहीं पड़ता 60 साल नौकरी करनी है। सरकारें रोज आती और जाती हैं और बहुत से नेताओं को देखा है व देखता हूं मुझे नौकरी करना है इसलिए तरीका हमारा वही रहेगा काम करने का।

अब बताइए इससे बड़ी बात क्या हो सकती है यह थानेदार मंत्री के कहने पर और कार्यकर्ता द्वारा मंत्री का नाम लेने पर उससे रोब झाड़ कर बात करता है और कहता है काम अपने मन से ही करूंगा चाहे जो कहे  मैं किसी की नहीं सुनता।

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