मोदी सरकार का ये अनोखा फरमान, आम आदमी को कर देगा हैरान

0
40
मोदी सरकार

मोदी सरकार का रेलवे सेवाओं से जुड़ा अनोखा फरमान आया है, जो की आम आदमी की परेशानियों को बढाने वाला है, जी हाँ अगर आप रेलवे के दैनिक सवारी हैं तो जल्द ही आपको नरेंद्र मोदी सरकार झटका देने वाली है।

ये भी पढ़ें :-कुलभूषण जाधव मामला : एक बार फिर पाकिस्‍तान हुआ बेनकाब, भारत को मिली बड़ी जीत  

सूत्रों के मुताबिक सरकार तय किराए पर 2 फीसदी अतिरिक्त सेफ्टी टैक्स वसूलेगी। इस फंड का इस्तेमाल रेल सुरक्षा पर किया जाएगा। बता दें कि रेलवे के 94 फीसदी यात्री सामान्य टिकट यानी गैर आरक्षित श्रेणी में सफर करते हैं। जी हां, सरकार अब सामान्य श्रेणी के रेल टिकटों पर सुरक्षा कर लगाने जा रही है।

ये भी पढ़ें :-देखिये क्या हुआ जब, असली किन्नर ने पकड़ा नकली किन्नर को और कर दिया नंगा

पिछले कुछ सालों में एसी-1 और एसी-2 श्रेणी के रेल किराए में क्रमश: बढ़ोत्तरी होती रही है लेकिन अब तक सामान्य श्रेणी के गैर आरक्षित और उपनगरीय ट्रेनों के किराए में बढ़ोत्तरी नहीं हुई थी।

ये भी पढ़ें :-देखिये क्या हुआ जब, असली किन्नर ने पकड़ा नकली किन्नर को और कर दिया नंगा

केंद्र सरकार के पूर्ण नियंत्रण वाले भारतीय रेल पर फिलहाल 32 हजार करोड़ रुपये का बोझ है जो दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रहा है। रेलवे का ऑपरेशनल कॉस्ट सबसे ज्यादा है।

ये भी पढ़ें :-देखिये क्या हुआ जब, लड़कियों ने बीच सड़क पर फाड़ डाले कपड़े

रेलवे की इस नई पहल से मौजूदा वित्तीय वर्ष में 5000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आमदनी होने के आसार हैं। यह रकम रेलवी की सुरक्षा के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे जैसा कि 2017 के बजट भाषण में रेलवे के सेफ्टी फंड की चर्चा वित्त मंत्री ने की थी।

ये भी पढ़ें :-देखिये किन्नरों का धमाकेदार डांस, देख कर उड़ जायेंगे होश देखे वीडियो

रेल मंत्री सुरेश प्रभु का कहना है, “हमें रेलवे और यात्रियों की सुरक्षा के लिए सेफ्टी फंड तैयार करना होगा और हमें उम्मीद है कि इसमें आम जनमानस सहयोग करेगा।”

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने अगले पांच साल में एक लाख करोड़ रुपये का स्पेशल सेफ्टी फंड बनाने का फैसला किया है। इस फंड के जरिए रेल ट्रैक और सिग्नल सिस्टम का अपग्रेडेशन के अलावा मानव रहित फाटकों को खत्म करने का काम किया जाना है। यानी हर साल सरकरा इन मानकों पर बीस हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी।

इस बीच रेलवे को राष्ट्रीय रेल संरक्षा कोष में केंद्र सरकार की तरफ से 15 हजार करोड़ रुपये मिले हैं। इनमें से 10 हजार करोड़ रुपये सेंट्रल रोड फंड से और 5 हजार करोड़ रुपये वित्त मंत्रालय से मिले हैं।

जबकि शेष 5 हजार करोड़ रुपये रेलवे को आंतरिक संसाधनों से जुटाने को कहा गया था। माना जा रहा है कि इसी के तहत टिकटों पर दो फीसदी सेस लगाने का प्रस्ताव सरकार के सामने रखा गया  है।