इस क्षेत्र की महिलायें करती हैं माहवारी के समय ये अजीब काम, जानकर हो जायेंगे हैरान

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महिलायें

माहवारी महिलाओं के लिए एक बड़ी समस्या रही है, इस अनकही समस्या के पीछे उनकी तमाम असुविधाएं हैं .लेकिन, आज भी पीरियेड यानी मासिक चक्र के बारे में बातें खुसुर-फुसुर तक ही सीमित हैं।

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शहर हो या गांव दोनों ही जगह इस विषय पर बात करने में लड़कियों में झिझक है। जिसकी वजह से वह कई बीमारियों की चपेट में आ रही हैं।

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सबसे बड़ी बात यह है कि तमाम जागरूकता और सरकार के प्रयासों के बावजूद राजधानी लखनऊ से जुड़े गांवों तक में आज भी मासिक चक्र में महिलाओं को सामाजिक दंश झेलने पड़ते हैं।

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हालत यह है गांवों में महिलाएं पीरियेड के दौरान सेनेटिरी नैपकिन की जगह राख की पोटली का इस्तेमाल करती हैं।

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पत्रिका की रिपोर्ट के अनुसार महिला स्वास्थ्य के लिए काम कर रही संस्था अग्रिमाकी निर्मला ने बताया कि राजधानी से जुड़े डोमकपुर गांव में उन्होंने कई महिलाओं से बात की तो कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं।

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हालत यह है कि आज भी जबकि बाज़ार में सस्ते सेनिटरी नैपकिन आ गए हैं तब भी ग्रामीण महिलाएं अपने खास दिनों में राख, मिट्टी और गंदे कपड़े का इस्तेमाल करती हैं।

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ज्यादातर महिलांए एक ही कपड्े को बार- बार धोकर उसका इस्तेमाल करती हैं। रक्तस्राव वाली जगह पर कपड़े को ज़बरन ढूंस कर ब्लड को सुखाने की कोशिश की जाती है इससे घाव होने की आशंका होती है।

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