बाबा राम रहीम के गढ में सेना ने किया कब्‍जा, 36 ठिकाने सील, देखें विडियो

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राम रहीम

नई दिल्‍ली: बलात्कार केस में दोषी सिद्ध होने के बाद बाबा राम रहीम के समर्थकों ने उत्तर भारत के पांच राज्यों में जमकर तांडव किया। बाबा राम रहीम के समर्थक सबसे ज्यादा पंचकूला में सरकारी आफिसों और सार्वजनिक वाहनों पब्लिक के वाहनों और मीडिया को निशाना बनाया।

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इस हिंसा में 31 लोगों की मौत हो गई जबकि 300 के आस पास लोग घायल हुए मरने वालों में सबसे ज्यादा 29 पंचकूला से और 2 सिरसा से हैं। कल हुई हिंसा का हाईकोर्ट ने स्‍वत: संज्ञान लिया और हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि जो भी क्षति हो रही है उसकी भरपाई बाबा राम रहीम की संपत्ति से की जाए।

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इसी के मद्देनजर सिरसा में डेरा सच्चा सौदा के मुख्यालय में सेना में प्रवेश कर मुख्यालय को खाली करा कर अपना कब्जा कर लिया है। मामले में गृहमंत्री राजनाथ के घर पर उच्च स्तरीय बैठक शुरू हो गई है। जिसमें सुरक्षा से संबंधित राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल आईबी चीफ और अन्य बड़े अधिकारी मौजूद हैं। हरियाणा के डीजीपी बीएस संधू ने कहा है कि अभी राज्य में हर जगह शांति है उन्होंने राम रहीम को जेल में किसी भी तरह की विशेष सुविधा से इनकार किया है।

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इसी क्रम में सरकार ने धारा 144 का सही ढंग से पालन ना करने पर DCP को सस्पेंड कर दिया है। हिंसा की आशंका में पंजाब-हरियाणा जाने वाली 445 ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। इस बीच हिंसा प्रभावित इलाकों में सेना ने सुबह फ्लैग मार्च किया है। चंडीगढ़ पुलिस ने बाबा के निजी सुरक्षा बलों को गिरफ्तार किया है। इन गार्ड्स के पास से हथियार मिट्टी का तेल भी बरामद किया गया।

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वहीं रोहतक में 10 अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। ज्ञात हो कि बाबा राम रहीम को 28 अगस्त को बलात्कार केस में सजा सुनाई जाएगी। इस पूरे घटना क्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी व्यवस्था में कमी की बात स्वीकार की है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि डेरा समर्थकों को उनके घर में बंद रखने की हमने भरपूर कोशिश की ट्रेन बस और यातायात के सभी साधनो को रोका लेकिन डेरा समर्थक पैदल पहुंच गए और अपनी पहचान छुपाए रहे। पंचकूला में हालात काबू में हैं।

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सिरसा में भी सुबह सेना ने फ्लैग मार्च किया। रोहतक में भी देर रात को अर्धसैनिक बलों ने फ्लैग मार्च किया। अब तक कुल 600 लोग हिरासत में लिए गए हैं। डेरा समर्थकों के 100 वाहनों को जप्त कर लिया गया है। फैसले से भड़के बाबा के समर्थकों ने सबसे ज्यादा गाड़ियों को आग लगा दी।

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