ट्रांसफर पोस्टिंग के खेल में पूर्व सरकार के बाहुबलि हो पदों पर काबिज

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राहुल तिवारी

लखनऊ। एक ओर जहां योगी सरकार जहां भ्रष्टाचार पर अकुंश लगाने के लिये संकल्पबद्ध है व भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश बनाने के लिये इमानदार आधिकारी कर्मचारी विभागों मे तैनात करने के साथ उन पर कड़ी निगरानी भी रख रही है ताकि विभागों मे व्‍याप्‍त भ्रष्टाचार पर अंकुश लग सके।  चाहे वह थाना हो या तहसील बिजली विभाग हो या फिर ब्लाक लेकिन शायद कुछ राजनेताओ की हनक के आगे आलाधिकारियो को उनके इशारे पर काम करना पडता है। जिसके कारण अच्छे व ईमानदार अधिकारियों को परेशान होना पडता है।

चूंकि मामला छोटे स्तर का होता है तो ये सरकार तो पहुंच नही पाता सब अन्दर ही अन्दर हो जाता है। और विभाग में एक और भ्रष्टाचार जन्म ले लेता है। जिससे लोगो मे व कार्यकर्ताओं मे भी रोष होने लगता है। साथ ही सरकार की किरकिरी भी शुरू हो जाती है कारण अगर कोई अधिकारी विभाग मे तैनात होता है तो पूर्ववर्ती सरकार का खास होता है और उसने उस सरकार मे भ्रष्टाचार किया था और जुगाड़ की दम पर तैनात होकर इस सरकार मे भी वह भ्रष्टाचार करने की फिराक मे रहेगा। ऐसा ही एक नजारा सामने आया है।

लखनऊ के ही विकास खंड सरोजनी नगर का जो कि प्रदेश कि राजधानी से सटा है जहां स्वयं प्रदेश के मुखिया विराजमान है और वहीं ट्रासफर पोस्टिंग का खेल जिले के आलाधिकारी डएम व सीडीओ कर रहे हैं। बताते चले सरोजनी नगर ब्लाक मे तैनात एडीओ पंचायत महेन्द्र तिवारी को ब्लाक मे तैनाती 24 मई 2017 को हुई थी महज 3 माह बीते लेकिन ईमानदार व अपने कार्य मे सदैव निरन्तर कार्य करने वाले अधिकारी को चार दिन पहले ही जिले के अधिकारियो ने उठा के मलिहाबाद क्यों भेज दिया।

क्या उसको उसकी ईमानदारी की सजा मिली या उच्चाधिकारियो को कोई लाभ नही मिला और पूर्व मे 14 साल इसी सरोजनी नगर ब्लाक मे तैनात रहे भट्टा मालिक कौशल कनौजिया यहां नये ए.डी.ओ पंचायत को तैनाती दे दी गयी सूत्रो के मुताबिक कौशल कनौजिया का भट्टा भी सरोजनी नगर क्षेत्र के खसरवारा में है साथ ही सपा सरकार का बेहद करीबी माना जाता है जिसके चलते शायद अब सपा कार्यक्रताओ के काम आसानी से हो सकेंगे इसको लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं मे काफी रोष है शायद अगर ट्रासफर पोस्टिंग का कार्य चलता रहेगा तो विकास पीछे हो जायेगा।

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